“माँ: एक शाश्वत प्रेम” एक ऐसी हृदयस्पर्शी कृति है जो दुनिया के सबसे पवित्र और निस्वार्थ रिश्ते माँ को समर्पित है। यह किताब मात्र शब्दों का संग्रह नहीं बल्कि ममता त्याग और अटूट विश्वास के उन अनगिनत एहसासों की अभिव्यक्ति है जिन्हें हम अक्सर बयां नहीं कर पाते। इस साझा संकलन में विभिन्न लेखकों की चुनिंदा कविताएँ और कहानियाँ शामिल हैं। जो माँ के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के भावों को खूबसूरती से पिरोती हैं। यह किताब पाठक को कभी बचपन की उन मीठी लोरियों की याद दिलाएगी तो कभी माँ के उस आँचल का सुकून महसूस कराएगी जहाँ पहुँचकर दुनिया का हर गम छोटा लगने लगता है। माँ का प्रेम शाश्वत है] यह न कभी बदलता है और न कभी कम होता है। यह किताब उसी शाश्वत प्रेम की मिठास और गहराई को शब्दों के माध्यम से सहेजने की एक छोटी सी कोशिश है। हर पन्ना आपको उस ममतामयी छाया का एहसास कराएगा जो हमारे जीवन की हर धूप में ढाल बनकर खड़ी रहती है। माँ: एक शाश्वत प्रेम” हर उस संतान के लिए एक भेंट है। जो अपनी माँ के संघर्षों और उनके निश्छल प्रेम को एक नए नज़रिए से महसूस करना चाहता है।


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